श्री गुरु राम राय जी महाराज का जन्म 1646 ई. में चैत्र मास की पंचमी को हुआ था और 1676 ई. में वे देहरादून आए। देहरादून को श्री गुरु महाराज जी ने अपनी कर्मस्थली बनाकर पावन किया। उनके डेरे से ही इस नगर का नाम देहरादून पड़ा
श्री गुरु राम राय जी महाराज का जन्म 1646 ई. में चैत्र मास की पंचमी को हुआ था और 1676 ई. में वे देहरादून आए। देहरादून को श्री गुरु महाराज जी ने अपनी कर्मस्थली बनाकर पावन किया। उनके डेरे से ही इस नगर का नाम देहरादून पड़ा
श्री गुरु राम राय जी महाराज का 339वां महानिर्वाण पर्व रविवार को पूरी श्रद्धा, भक्तिभाव और परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने विशेष पूजा-अर्चना कर गुरु महिमा और गुरु कृपा का महत्व संगतों के समक्ष प्रकट किया। श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कहा कि “गुरु ही साक्षात परब्रह्म हैं, गुरु के ज्ञान और मार्गदर्शन से ही हम ईश्वर की प्राप्ति कर सकते हैं। गुरु के बिना अध्यात्म का मार्ग अधूरा है। गुरु कृपा से ही शिष्य का जीवन सार्थक होता है।”
रविवार को महानिर...



